हमारी नन्ही परी

हमारी नन्ही परी
पंखुरी

Saturday, January 22, 2011

पंखुरी सीख रही है :) - (एक)

जी हाँ, पंखुरी सीख रही है रोज़, लगातार ... और सीख रहे हैं हम भी...,अरे भई.... उनकी बात समझने के लिये हमें भी तो सीखना पढता है न.......! अब बिटिया सुबह सबके जाने के बाद बताती हैं "बुआ औपिचऽऽ" , "तातू औपिचऽऽ", "बाबा औपिचऽऽ" मतलब सब office गये.
शाम को सबके लौटने पर, पहले अंदर से या खिडकी पर आ कर पूछती हैं     " तोन एऽऽऽ" और फिर खुश होकर बताती हैं " पापा आग्गीऽऽऽ" , "तातू आग्गीऽऽऽ" , "बाबा आग्गीऽऽऽ".
बिटिया के घर के सामने एक छोटी सी दुकान है मगर उनकी सारी खरीददारी वहीं से होती है. दुकान पर एक लडका बैठता है जिसका नाम अभय है... तो बेटी सुबह और शाम पहले अपनी फ़रमाइश पेश करती हैं      " अब्बे तौपीऽऽऽ" फिर पापा, चाचू,बाबा, बुआ जो भी हो, उसके साथ वहाँ जाती हैं और अभय की दुकान से टाफ़ी खरीदती हैं .उन्हें सिर्फ़ जेम्स पसंद है ये बात अभय को पता है फिर भी अगर दूसरी टाफ़ी दी जाए तो पंखुरी साफ़ कहती हैं "नईंऽऽ". हैं न बढिया बात...
इस बार की पोस्ट में बेटी की अलग-अलग मूड की फ़ोटोज़... जिनमें उनके लगातार सीखने की कहानी भी छुपी है, आप भी देखिये-----
अपने पाँव पर खडा होने की कोशिश...
चाभी खाई नहीं जाती बच्चे...
बीस दिसम्बर २००९... बेटी का फ़र्स्ट बड्डे...
हमारी गोलगप्पी ऽऽऽऽऽ
पंखुरी - द म्यूज़िशियन...
ऊफ़ऽऽऽऽऽ गर्मी
बनारसी गमछा...
जब पहले-पहले खाना खुद खाना सीखा...
पहले-पहले पानी पीना....
गाडी स्टार्ट....
ये हेल्मेट है भाई....
छुप-छुप खडे हो , ज़रूर कोई बात है...है न ऽऽऽऽ
आइसअक्रीम पार्लर में आ कर तो बडा कन्फ़्यूज़न है....
कि कौन सा फ़्लेवर खाया जाए...
ये फ़ोटो बेटी के फ़र्स्ट बड्डे की सुबह की, जब सबने बिटिया को पहला जन्मदिन विश किया..., बेटी की स्माइल तो देखिये....!



 

4 comments:

  1. सभी फोटोस बहुत सुंदर हैं..... क्यूट

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  2. पंखुरी तुम्हारी ये फोटोस देख कर बहुत अच्छा लगा.

    With Love-

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  3. आप सब को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभ कामनाएं.

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    गणतंत्र को नमन करें

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  4. सारी फोटोस बहुत प्यारी है और तुम्हारी बातें भी ....!!

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