हमारी नन्ही परी

हमारी नन्ही परी
पंखुरी

Tuesday, August 9, 2011

एक विशेष अवसर...!

जी हाँ , ये पंखुरी बेटी के लिए सचमुच बड़ा ही विशेष और उल्लेखनीय अवसर था . आप सब तो जानते ही हैं कि बेटी का शहर बनारस कला-संगीत-साहित्य-आध्यात्म का गढ़ है. बड़े-बड़े ज्ञानी गुरुजन की नगरी है. ऐसे ही एक विश्वविख्यात गुरु और महान व्यक्तित्व का नाम संगीत-जगत में बड़े आदर के साथ लिया जाता है आदरणीय पद्मविभूषण पंडित किशन महाराज
 पिछले दिनों जब बेटी की बुआ को एक आयोजन के सिलसिले में वहाँ जाना पड़ा तो बेटी साथ हो लीं और ये सुअवसर बन गया.आपके लिए कुछ चित्र....
 
 .    पद्मविभूषण पंडित किशन जी महाराज के आवास में ही स्थित उनका वह गणेश कक्ष, जिसमें भारतीय संगीत जगत की अनेकानेक हस्तियाँ आ चुकी हैं.महाराज जी का भव्य चित्र सामने ही रखा है मानों हंस कर आशीर्वाद दे रहे हों.
     .        ये रहे संगीत का आनंद ले रहे काशी के संगीत विद्वान और श्रोताजन. पता है पीछे दिख रही भगवान गणेश की विशाल प्रतिमा महाराज जी ने खुद बनाई है.

    ये रही पंखुरी बेटी इतनी महत्वपूर्ण जगह पर...!

   बुआ (लाल साड़ी में) की माला बेटी के गले में....

   बुआ का मेमेंटो भी ( as usual ) बेटी  का :-)


क्यों .... ? था न एकदम ख़ास मौका... :-D

 

3 comments:

  1. कल 15/08/2011 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  2. पंखुरी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ.

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  3. wah bahut khoob pankhuri bitiyaa ko bahut badhaai aevm shubkamnaayen.badhaai aapko.
    ब्लोगर्स मीट वीकली (४)के मंच पर आपका स्वागत है आइये और अपने विचारों से हमें अवगत कराइये/आभार/ इसका लिंक हैhttp://hbfint.blogspot.com/2011/08/4-happy-independence-day-india.htmlधन्यवाद /

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