लीजिए जी .....इस बार बेटी की मस्ती सावन में.... शहर में कई-कई जगह लगते हैं सावन के मेले , जो भादो भर चलते रहते हैं यानी अगर सावन में चूक गए तो भादो में ही सही घूमने का काम हो ही जाना है तो बेटी ने यही किया. इस बार भादो में घूमी सावन का मेला ...बुआ के साथ और कितनी मस्ती , कितना इंज्वाय किया ....आप खुद ही देख लीजिए..........
हमारी नन्ही परी
पंखुरी
Friday, August 10, 2012
Happy Friendship Day to U from Pankhuri !
बिटिया ज्यों-ज्यों बड़ी हो रही हैं उनके समझने और अभिव्यक्त करने का दायरा भी विस्तृत होता जा रहा है. इस बार पांच अगस्त को जब सारा विश्व मित्रता दिवस मना रहा था...बेटी को हमारे बिना बताये ही पता चल गया उस दिन का महत्व .... वो अपनी तनु दीदी के घर गयीं और लौट कर हमें बताने के लिए उनके पास एक बेहद स्पेशल न्यूज़ थी
आज फेन्दछिप (फ्रेंडशिप ) है. फिर उन्होंने घर में सबसे हाथ मिलाया और फेन्दछिप कहा. हमारे लिए तो ये अनुभूति ही सुखद थी कि बेटी को दोस्ती जैसे गहरे रिश्ते की अहमियत का एहसास हो चला है. बेटी सचमुच समझदार हो रही है. चूंकि मित्रता दिवस रविवार को पड़ता है इसलिए बेटी अपने स्कूल के दोस्तों से तो उस दिन नहीं मिली लेकिन उसे तनु दीदी और नेहा दीदी ने फ्रेंडशिप बैंड बांधा. नेहा दीदी बेटी की नयी दोस्त हैं जिनके बारे में हम आपको बाद में बताएँगे. फ़िलहाल ये दो फ़ोटोज़......एक में बेटी ..तनु दीदी के साथ और दूसरे में बेटी के हांथो में फ्रेंडशिप बैंड्स..... है न सुन्दर और बहुत स्पेशल...........!!!
HAPPY FRIENDSHIP DAY
पैरेट जी के साथ ...
ये तीन तस्वीरें इस साल के जून महीने की हैं जब पंखुरी की तोशी दीदी गाँधी धाम , गुजरात से बनारस नानी के घर आई थी और बेटी उनसे मिलने गयी थी. वहाँ तोशी दीदी के साथ ही सार्थक भईया, रचित भईया और नन्ही चार्वी से तो हमेशा की तरह मुलाकात हुई ही लेकिन इस बार एक और नया दोस्त पंखुरी बेटी का इंतज़ार कर रहा था और वो था नन्हा...प्यारा... हरा-हरा तोताराम....!
Wednesday, August 8, 2012
Excellent Pankhuri !!
आज एक बहोत अच्छी खबर....
पंखुरी बेटी के पहले क्लास (प्ले ग्रुप) की फ़र्स्ट ओब्ज़र्वेशन रिपोर्ट आ गयी है और पता है बेटी को उसमें मिला है A+ यानी EXCELLENT
है न बहोत ही अच्छी बात...!
पंखुरी बेटी अब अपनी क्लास में मैम की फेवरिट स्टूडेंट भी बन गयी हैं. Her ma'am loves her a lot. पंखुरी की ड्राइंग भी बहुत सुन्दर हो गयी है और वो रोज़ शाम को खूब मन से ढेर सारी कलरिंग करती हैं.
ये रही बेटी की कुछ प्यारी फ़ोटोज़ ...जिसमें वो कलर करने में पूरी तरह तल्लीन हैं और कलर कर लेने के बाद बहोत खुश भी !!!
Wednesday, August 1, 2012
Pankhuri......Reporting from the School...!!!
लीजिए हाज़िर हैं हम........लेकर अगला एपिसोड ...........देर करने के लिए बुआ को आप डांट सकते हैं लेकिन हम क्या करें .....देर करते नहीं देर हो जाती है. तो चलिए बातों में फँस कर और ज़्यादा देर न करते हुए सीधे शुरू करते है रिपोर्टिंग यानी बिटिया के कारनामों का बयान...
ये तो आपको पता ही हैं न कि बिटिया इस सेशन यानी 2012 से स्कूल जाने लगी हैं. तो इस बार पहली-पहली दफ़ा बेटी ने समर वेकेशंस भी मनाई और समर कैम्प भी एन्जॉय किया. 26 जून, 2012 को बेटी का स्कूल रि-ओपन हुआ और पता है इसके तीन-चार दिन पहले से ही बेटी अपने स्कूल और अपनी मैम को याद करने लगी थीं.
स्कूल खुला और बेटी का नया रूटीन ज़ोर-शोर से शुरू हो गया. अब तो स्कूल खुले भी एक महीने से ज़्यादा वक्त हो गया. इस बीच बेटी ने बहुत सारी नयी-नयी चीज़ें सीख डाली. सॉरी और थैंक्यू तो स्कूल जाने से पहले ही बेटी सीख चुकी थी अब इकूज मी (excuse me) मे आई दिन्क वोतल (may I drink water) मे आई गो तू तौलेत (may I go to toilet) भी सीख चुकी हैं. साथ ही उन्हें अपना पूरा INTRODUCTION देना भी आ गया है.
और पता है पिछले दिनों पंखुरी बेटी ने अपने स्कूल की ओर से बनने वाली छोटी सी मूवी के लिए शूटिंग भी की , मतलब कैमरे को फ़ेस किया . उनका डायलॉग था - I am Pankhuri. I love my school, because my teacher loves me a lot.
है न बहुत ही अच्छी बात. पिछले ही दिनों बेटी स्कूल में SAWAN CELEBRATION खूब धूम-धाम से हुआ, जिसमें उन्होंने ग्रीन ड्रेस पहनी, झूला झूलीं और हाँ स्कूल में सब बच्चों को खूब सुन्दर सी मेहंदी भी लगवाई गयी.
अब आने वाली 7 August को बेटी के स्कूल में Value Education Mela लगने वाला है जिसमें उन्हें सिख बनना है और सबसे कहना है " Good Morning & Jai Hind. I am Pankhuri Sinha from PG-A. I am SIKH जो बोले सो निहाल...सतश्री अकाल... Thank you."
अब आने वाली 7 August को बेटी के स्कूल में Value Education Mela लगने वाला है जिसमें उन्हें सिख बनना है और सबसे कहना है " Good Morning & Jai Hind. I am Pankhuri Sinha from PG-A. I am SIKH जो बोले सो निहाल...सतश्री अकाल... Thank you."
उससे भी अच्छी बात ये कि बेटी ने अब तक का सबसे लंबा ये वाला डायलॉग भी learn कर लिया है.
आने वाले upcoming Week & Month में और भी ढेरों events & programs होंगे और बेटी को उन सबमें BEST करना है सो मेहनत जारी है और आपके अपने प्यारे अखबार " Pankhuri Times " के लिए हमारी ये रिपोर्टिंग भी ऐसे ही जारी रहेगी.
अरे हाँ , अभी BYE कहने से पहले हम आपको ये तो बता दें कि इस समर वेकेशन में बाबा ने बेटी को एक साईकिल खरीदी देखिये तो....ये रही बेटी की साईकिल और साईकिल पे पंखुरी बेटी...........!
Tuesday, July 10, 2012
पंखुरी की कहानी...
ये वो
कहानी है जो बेटी रात में सोने से पहले अक्सर बुआ को यानी हमें सुनाती हैं.इसके
पहले बुआ को बेटी की फ़ेवरेट फेयरीटेल सुनानी पड़ती है....फिर रिक्वेस्ट करनी होती
है कि अब बेटी एक स्टोरी सुनाएँ. पंखुरी का पहला रिएक्शन होता है... हमें नई
आता.... फिर दोबारा रिक्वेस्ट करने पर बेटी की कहानी शुरू हो जाती है...लीजिए आपके
लिए भी उस कहानी की एक बानगी पेश है......
एक लाक्कुमाली ती. वो जंगल
छे जा ली ती. फिल उछे एक लॉयन मिला. वो बोला मैं तुमे खा जाऊँगा.(पूरी भावभंगिमा
के साथ) फिल लाक्कुमाली पूछी (बेटी अभी कही या बोली को पूछी ही कहती हैं...) नई
लॉयन जी हमें नई खाओ...फिर वहाँ एक बंदल आया ...फिल वो पेल पल चल गया (पेड़ पर चढ़
गया) फिर पेल पल चिलिया लैती ती....उछके दो बच्चे ते ...चुन्नू औल मुन्नू....
फिर ये कहानी या तो चलती
रहती है या फिर अचानक ही किसी मोड़ पर रुक जाती है जिसके बाद बेटी कहती हैं...बुआ
अब तुम छुनाओ...और फिर बुआ को यानी हमें बड़ी मेहनत से उस ढेर सारे धागों में उलझी
कहानी का सिर पकड़ना पड़ता है....लेकिन जो भी हो ये सारी प्रक्रिया होती है बड़ी
मज़ेदार और मनभावन....आजकल बिटिया रानी ने कहानी शुरू करने का एक नया अंदाज़ सीख
लिया है जिसमें वो सबसे पहले बड़ी संजीदगी से कहतीं हैं....
‘‘ एक छमे (समय) की बात
हे....’’ है न मज़ेदार....
ये रही बेटी की वो फेयरीटेल
पिक्चर बुक...जो बुआ लायी है और जो अब बेटी की फ़ेवरेट बुक बन गयी है.....
Monday, June 11, 2012
बेटी ने सीखा ए बनाना. बात
छोटी सी है, मगर हमारे लिए बहुत बड़ी...नन्ही बेटी ने कलम पकड़ कर पहला अक्षर लिखना
सीखा है...एक बहुत बड़ी यात्रा की ओर पहला नन्हा कदम....इसके अलावा बेटी को वन टू टेन नम्बर्स...ए टू ज़ेड अल्फाबेट्स...दस से भी ज्यादा हिंदी-इंग्लिश पोयम्स...खूब सारे सॉन्ग्स सब याद हो गए है
| जब बेटी समर कैम्प में जाने के लिए पहले दिन (२ मई २०१२) को तैयार हुई . |
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