हमारी नन्ही परी

हमारी नन्ही परी
पंखुरी
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Monday, January 31, 2011

बेटी , अपने चाचू के साथ ... !

सब लोगों का कहना है कि पंखुरी बेटी एकदम अपने चाचू पर गयी हैं. उन जैसी लगती हैं . वैसी ही सूरत, वैसी ही दँतुलियां (ही-ही-ही).... ! जब चाचू छोटे बच्चे थे तो वो पंखुरी जैसे ही लगते थे... आप भी देखिये और बताइये कि क्या सच्ची-मुच्ची...............



Monday, November 1, 2010

Down the memory lane...

दिन है सुहाना, आज पहली तारीख है. आज से शुरू हो रहा है नवंबर महीना.अगले महीने यानी दिसंबर की बीस तारीख को पंखुरी का सेकेण्ड बड्डे होगा , ये तो आपको पता ही है. तो हमने सोचा है कि क्यों न हम बेटी के दोस्तो के साथ उनकी कुछ वो मस्तियाँ बाँटे जो हमने कैमरे में कैद तो की थी मगर किसी वजह से उसी वक्त आपसे शेयर नहीं कर सके थे.अब उनके जन्मदिन तक हम कुछ-कुछ ऐसे ही फ़ोटोज़ आपसे शेयर करेंगे. 
 इस बार वो फ़ोटोग्राफ़्स, जो हमने पिछ्ले अक्टूबर यानी एक साल पहले खींचे थे. कुल जमा दस महीने की थीं मैडम, लेकिन दस का दम तो देखिये, बदमाशियों में कहीं कोई कमी नहीं थी.और हमेशा की तरह हम इन्हीं अदाओं पर फ़िदा थे.........
दो दतुलियाँ आ चुकी थीं..., सो क्यूट !

कजरारी ज़ुल्फ़ें भी तब हुआ करती थीं
चाचू की गोद मे गुडिया...
रसगुल्लाऽऽऽऽऽऽऽऽ
बाँसुरीवादन..., सुनेंगे क्या ? ही-ही-ही
किन्नी प्यारी...............

कोई देख रहा है क्या ?
शोनाऽऽऽऽऽऽ
हँस दी..........
गोलगोल है, भई सब गोलगोल है......
हीरे-मोती सी आँखों में छुपी शरारत

 ओ रे बाबा , बिटिया इत्ती हैरान क्यों ?
मैं हूँ पंकुली !!!!

Friday, September 17, 2010

Photo Feature - Pankhuri in different moods...!

टोपी के पीछे कौन है ? बताओ तो जाने.....!
टोपी के पीछे पंखुरी है भई... और कौन !
ये हो रही है रोटी बेलने की प्रेक्टिस ...
क्या कहा ? रोटी है ही नही..., अरे बाबा मन की आँखों से तो देखो !
ओह... , रोटी की डिज़ाइन बिगड गयी...
चलो बिटिया का मन बहलाने के और भी कई रास्ते हैं.