हमारी नन्ही परी

हमारी नन्ही परी
पंखुरी

Friday, March 25, 2011

पंखुरी ने मनाई होली ....

पंखुरी बेटी ने होली मनाई . जीहाँ , खूब धमाल और मस्ती से तो नहीं , क्योंकि बेटी को थोड़ा सा बुखार हो गया था लेकिन फिर भी मज़ा तो लिया ही ...! ये रहीं होली पर बेटी की फ़ोटोज़ ......

सबसे पहले होलिका वाले दिन बुआ ने बेटी को उबटन लगाया....
इस काम में तनु दीदी ने थोडी हेल्प की.....
होली वाले दिन का सबसे स्पेशल काम.... बेटी की रोली लगी नन्ही हथेलियों की छाप बुआ ने ड्राइंग की कापी पर ली...

और इस तरह हो गया बेटी की नयी-नयी ड्राइंग कापी का उद्घाटन....
चाचू रंग खेलने के बाद भूऽऽऽत बन कर घर लौटे , लेकिन बेटी ने उन्हें देखते ही पहचान लिया और चढ गयीं गोदी में......
बेटी तनु दीदी के साथ.....
शाम को बेटी ने नयी वाली ड्रेस पहनी तो एकदम बार्बी डाल सी दिखनें लगीं....आप भी देखिये...
फिर थोडी देर के लिये तनु दीदी के साथ बाहर टहलने निकलीं......
घर लौटीं तो खूब सारा अबीर-गुलाल माथे पर लगाये....


और पता है, होली बीतते-बीतते बिटिया ने क्या बोलना सीख लिया......? 
जीहाँ ये विश करना सीखा उन्होनें ..... तो लीजिये बेटी की ओर से..., उनकी ही भाषा में " एप्पी उल्ली" 

मतलब ------- " HAPPY HOLI"

Thursday, March 17, 2011

पंखुरी का बाबूबीबी...

 ओहो ... हो गए न आप सब हमेशा की तरह कन्फ्यूज़ ....कि भाई ये बाबूबीबी क्या चीज़ है ...तो लीजिये हम सबसे पहले आपको बता देते हैं कि बाबूबीबी है क्या ? 
बाबू मतलब पंखुरी बेटी  और बीबी मतलब टीवी ...आया कुछ समझ में ...! जीहाँ , बाबूबीबी का मतलब , टीवी पर वो प्रोग्राम जो बेटी को देखना है . 
हाँ बाबा ... पता है , कुछ अजीब सा तो है ये ...लेकिन क्या करें जब बेटी ने यही नाम रखा दिया है .अब टीवी चैनल्स पर बच्चों के लिए क्या प्रोग्राम आते हैं ये तो आपको पता ही है .तो बेटी के मनोरंजन और साथ ही साथ उनके लर्निंग प्रोसेस को ध्यान में रखते हुए हिंदी-इंग्लिश राइम्स की video/audio सीडी लाई गयी. हमारा ख्याल था कि बेटी को देखते-देखते,सुनने-सुनते , धीरे-धीरे रूचि आएगी और कुछ सीखेगीं भी मगर यहाँ तो अलग ही नज़ारा हुआ.एक बार देखने के बाद ही बेटी ने सीडी का नाम रखा बाबूबीबी और फिर तो उसी की रट लगा ली.
अब आलम ये है कि घर में ज़्यादातर बाबूबीबी ही चलती है.बाबा का आस्था चैनल, पापा का यूटीवी एक्शन,बुआ की न्यूज़, चाचू  का क्रिकेट वर्ल्ड कप और मम्मी का जीटीवी और कलर्स सब एक तरफ हों चुके हैं और उनकी ट्यूनिंग तभी हो पाती है  जब बेटी चाहें. इस मामले में पंखुरी बेटी आत्मनिर्भर भी हो गयी हैं. खुद जाकर डीवीडी प्लेयर को बटन पुश करके ऑन करती हैं फिर टीवी को वीडियो मोड पर सेट करने वाला बटन पुश करतीं हैं और फिर बाबूबीबी ऑन और बेटी खुश ...इसके बाद पूरे एक घंटे की सीडी ख़त्म होने के बाद ही कोई और चैनल चल सकता है.
इस पूरी प्रक्रिया में जो सबसे सुन्दर बात है वो है बेटी का लर्निंग प्रोसेस ... हर राइम के साथ नाचती-ठुमकती-क्लेपिंग करती और अपनी अस्फुट तोतली भाषा में संग-संग गाने की कोशिश करती  बिटिया को देखना सचमुच एक सुखद अनुभूति है. 
ये रही फ़ोटोज़ बेटी की बाबूबीबी की -----

 

Tuesday, March 15, 2011

Pankhuri in masti mood....... (2)

इस बार कुछ छूटी हुई बातें हम आपसे शेयर करने जा रहे हैं जो किसी वजह से अभी तक नहीं हो पाई थीं .बिटिया की मस्ती , शरारतें और भी बहुत कुछ ................

ये सारी फ़ोटोज़ महाशिवरात्रि की ......!
 पिछले सन्डे को बिटिया स्वदेशी मेला घूमने गयीं थीं . ये रहे वहाँ के कुछ नज़ारे ....





Thursday, March 3, 2011

येम्माराऽऽऽऽऽ पचासा...... half century !!!

अगर आप सब सिर्फ क्रिकेट में सचिन ,सहवाग या युवराज  के  बनाये  अर्धशतक  को ही important मानते हैं तो जान लीजिये कि ये वाली हाफ सेंचुरी भी उससे कम इम्पार्टेंट नहीं . आखिर ये बिटिया के अखबार पंखुरी Times की पचासवीं पोस्ट जो है भई. 
पंखुरी की मासूम शरारतों , मस्तियों , कारनामों , बातों और किस्सों से भरी ये सारी पोस्टें जो गवाह बनीं हैं बेटी के मासूम बचपन की और जिन्हें सराहा और ढेर सा प्यार दिया है आप सबने भी ... तो हुई न ये बहुत-बहुत ख़ास बात ! 
तो लीजिये इस बार की इस बेहद स्पेशल पोस्ट में ये बेहद स्पेशल रिपोर्ट ख़ास आप सबके लिए . दिन रविवार, सत्ताइस फ़रवरी को पंखुरी ने बनारस में हुई एक बहुत अच्छी इवेंट में हिस्सा लिया . श्री कृष्ण बनीं ,गोल्ड मेडल पाया और अगले दिन अखबारों में खूब कवरेज भी हुई .इस पूरी इवेंट में पंखुरी सेंटर ऑफ़ अट्रेक्शन बनीं रहीं और खूब मस्तियाँ की . आप भी देखिये ----  
शो से पहले
मुरलीधर 
राधा संग कृष्णा
 शो से पहले बुआ और चाचू की बेस्ट विशेज़

स्टेज पर आत्मविश्वास  
इस रूप में बिटिया को पहचान रहें हैं न आप :)

अखबार में बेटी की चर्चा

बेटी का गोल्ड मेडल 

 वैसे आपके लिए ये जानना भी बहुत इंट्रेस्टिंग रहेगा कि इस प्रोग्राम में पंखुरी बेटी दूसरी बार हिस्सा ले रहीं थीं . पिछले बार सवा साल की उम्र में से  बेटी पहली बार श्री कृष्ण बन कर स्टेज पर गयीं थीं . लेकिन तब उनका ये ब्लॉग नहीं था तो आपसे वो अनुभव हम नहीं बाँट सके थे . ये रही पिछले साल दैनिक जागरण में छपी उनकी फ़ोटो, पहचानिए तो सही ....

हांजी , साईं बाबा के बगल में खड़े सबसे नन्हे बाल कृष्ण, यही तो हैं हमारी प्यारी बिटिया ! पहली बार स्टेज पर in 2010 .

 तो रही न ये पचासवीं पोस्ट बहुत-बहुत स्पेशल ...! आपको कैसी लगी हमें ज़रूर बताइयेगा :)